दोस्तों, यह मेरी वो असली सच्ची कहानी है जो मैं हमेशा से छिपाना चाहता था, लेकिन अब बता ही देता हूँ। मेरा नाम राहुल है, और यह सब मेरी बड़ी बहन प्रिया के साथ शुरू…Antarvasna3
दोस्तों, यह मेरी वो असली सच्ची कहानी है जो मैं हमेशा से छिपाना चाहता था, लेकिन अब बता ही देता हूँ। मेरा नाम राहुल है, और यह सब मेरी बड़ी बहन प्रिया के साथ शुरू हुआ था।Antarvasna3
प्रिया की गोरी मुलायम गांड और तंग गुलाबी चुत को देखकर मैं उसका दीवाना बन चुका था। हम दोनों उस दिन से रोज़ कोई न कोई बहाना ढूंढकर एक-दूसरे की प्यास बुझाते थे। मैंने उसकी चुत के हर मज़े लिए, हर पोज़िशन में उसे खूब चोदा। आज बताता हूँ कि प्रिया की मदद से मैंने उसकी सबसे सेक्सी सहेली नेहा को कैसे चोदा और थ्रीसम का धमाल मचाया।
यह बात करीब तीन महीने पहले की है। मैं कॉलेज से घर लौटा तो मम्मी किचन में थीं, पापा ऑफिस टूर पर गए थे और प्रिया लिविंग रूम में मोबाइल देख रही थी। मौका देख मैं उसके पास गया, कमर से पकड़कर गर्दन पर किस करने लगा। प्रिया मुड़ी और मेरे होंठ चूसने लगी। हम इतने मस्त थे कि पता ही नहीं चला मम्मी कब पीछे आ गईं।
मम्मी चिल्लाईं, “ये क्या बेहूदगी है तुम दोनों की?”Antarvasna3
हम झटके से अलग हुए। प्रिया हकलाई, “मम्मी… वो…”
मैंने तुरंत कहा, “मम्मी, मेरे गाल पर कीड़ा बैठा था, दीदी निकाल रही थीं।”
मम्मी बड़बड़ाते हुए चली गईं। हम दोनों हँसते-हँसते लोटपोट हो गए।
प्रिया ने शरमाते हुए कहा, “उफ्फ… आज तो मरते-मरते बचे।”Antarvasna3
मैंने उसकी गांड पर हाथ मारकर कहा, “हाँ मेरी रानी बहन, जल्दी ही पकड़े जाएंगे अगर ऐसे ही करते रहे।”
अगला दिन संडे था। मैं देर से उठा तो प्रिया अभी बेड पर लेटी थी। मैंने शरारत की और उसकी नाइटी के ऊपर से उसके बड़े-बड़े बूब्स दबाने-चूसने लगा। वो मुस्कुराई और आँखें खोलकर बोली, “हरामी… मुझे पता था तू आएगा और कुछ न कुछ करेगा।”
मैंने हँसकर उसकी गांड ज़ोर से मसली। वो चीखी, “आय्यो!”
मम्मी ने बाहर से पूछा, “क्या हुआ बेटा?”
मैंने कहा, “कुछ नहीं मम्मी, दीदी को सपने में कुछ डरावना दिखा।”
दोपहर में मम्मी अपनी फ्रेंड के यहाँ गईं और रात नौ बजे तक आने वाली थीं। दरवाज़ा लॉक करते ही मैंने प्रिया को देखकर इशारा किया। वो शरमाई और बोली, “हाँ हाँ… आज तो पूरा मज़ा लेंगे।”
मैंने उसे गोदी में उठाया और सोफे पर ही नंगा कर दिया। हमारा किस इतना वाइल्ड था कि मैं दरवाज़ा ठीक से बंद करना भूल गया। मैंने अपना मोटा लंड उसके मुंह में ठूँसा, वो ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… करती हुई चूसने लगी। लंड उसके गले तक जा रहा था, लार टपक रही थी।
अचानक दरवाज़ा खुला और नेहा अंदर आ गई। हमें नंगे और लिपटे देख वो शॉक्ड होकर बाहर भागी। प्रिया का मुंह रुक गया।
मैं घबरा गया, “यार अब क्या होगा? उसने सब देख लिया… अगर किसी को बता दिया तो हमारी इज़्ज़त गई।”
प्रिया शांत होकर बोली, “चिंता मत कर मेरे प्यारे भाई, मैं अभी जाकर उससे बात करती हूँ।”
वो नेहा के घर गई। बाद में आकर मुझे डिटेल में बताया।
नेहा के घर पहुँचकर प्रिया ने उसकी मम्मी से बात की और अंदर गई। नेहा रूम में अकेली थी। प्रिया को देखकर बोली, “यार तू पागल है क्या? अपने भाई के साथ नंगी होकर क्या-क्या कर रही थी?”
प्रिया हँसकर बोली, “अरे वो मेरा सगा भाई है। भाई-बहन एक-दूसरे के साथ मज़े क्यों नहीं ले सकते? तेरे पास भाई नहीं है ना, तू नहीं समझेगी।”
नेहा चौंकी, “तेरा भाई… और तू उसका लंड मुंह में ले रही थी? गंदी लड़की!”
प्रिया ने सेक्सी स्माइल दी, “गंदा क्या? घर में ही चुदाई करो तो बाहर किसी चुदक्कड़ से चुदवाने की ज़रूरत नहीं। इज़्ज़त भी सेफ, प्यास भी बुझी।”
नेहा हाथ मुंह पर रखकर बोली, “तू इतनी गंदी बातें कब से करने लगी?”
प्रिया ने धीरे से पूछा, “सच बता नेहा… तेरी चुत में कभी खुजली हुई? गर्मी महसूस हुई?”
नेहा शरमाकर बोली, “हाँ यार… कभी-कभी उंगली डालकर मज़ा लेती हूँ।”
प्रिया उसके पास आई और फुसफुसाई, “उंगली से कहाँ वो मज़ा जो मोटे गर्म लंड से मिलता है? सोच… कोई तुझे ज़ोर-ज़ोर से चोदते हुए तेरी चुत फाड़ रहा हो…”
नेहा की सांसें तेज़ हो गईं, उसका हाथ खुद अपनी चुत पर चला गया। वो बोली, “यार… बस कर… नीचे पूरा गीला हो गया।”
प्रिया ने उसके बूब्स दबाते हुए कहा, “कल मम्मी-पापा बाहर जा रहे हैं। तू कल दोपहर बारह बजे घर आ जा। आज सिर्फ़ मुंह और जीभ से मज़ा करेंगे।”
नेहा हाँफते हुए हाँ कर दी।
अगले दिन मम्मी-पापा को ट्रेन पकड़वाकर हम लौटे तो नेहा पहले से घर पर थी। वो डरी हुई थी, “यार अगर किसी को पता चल गया तो?”
प्रिया ने उसे अंदर खींच लिया। मैं नहा रहा था। प्रिया ने नेहा से कहा, “रुक… मैं भाई का लौड़ा खड़ा करके लाती हूँ।”
वो बाथरूम में आई, मैं नंगा था। उसने लंड पकड़ा और ग्ग्ग्ग… ग्ग्ग्ग… करती हुई चूस लिया। लंड पूरा टाइट हो गया। उसने फोन से रिकॉर्डिंग ऑन की और छुप गई।
मैं टॉवल लपेटकर बाहर आया। नेहा मुझे देखकर शरमाई। मैंने कहा, “अब ड्रामा बंद कर मेरी जान… आ, मेरा लंड चूस… मैं तेरी चुत अच्छे से चाटूँगा।”
नेहा काँपती हुई घुटनों पर बैठी। टॉवल हटाया तो मेरा सात इंच का मोटा लण्ड देखकर साँस रोकी। उसने मुंह में लिया और छपछप… गीगी… की आवाज़ें करते हुए चूसने लगी।
वो बोली, “पहली बार रियल लंड देखा है… पोर्न में ही देखती थी।”
मैंने उसके सिर को पकड़ा, “चल चुदक्कड़… ज़ोर से चूस अब।”
बीस मिनट चूसने के बाद मैं उसके मुंह में झड़ गया। उसने वीर्य निगल लिया, “थोड़ा कड़वा लेकिन अच्छा लगा।”
मैंने कहा, “अब बेड पर चल… तेरी चुत चाटता हूँ।”
बेडरूम में मैंने उसे नंगा किया। उसके रसीले होंठ चूसे, बड़े बूब्स दबाए-चूसे। वो कराही, “आह्ह… ओह्ह… राहुल… धीरे… उइइइ…”
फिर पैंटी उतारी। उसकी चुत पूरी गीली और गुलाबी थी। मैंने जीभ डालकर चाटना शुरू किया। वो मेरे सिर को दबाते हुए चिल्लाई, “आह्ह्ह… और ज़ोर से… जीभ अंदर तक… ओह्ह्ह गॉड!”
पच्चीस मिनट चाटने के बाद वो दो बार झड़ गई, पूरा बेड गीला हो गया।
वो उठकर जाने लगी तो प्रिया हँसती हुई आई, “क्या नेहा… भाई से चुदवाएगी नहीं?”
नेहा बोली, “नहीं यार… सिर्फ़ ओरल ही कहा था ना।”
प्रिया ने फोन दिखाया, “सब रिकॉर्ड हो गया। या तो चुपचाप चुदवा या वीडियो वायरल।”
नेहा रोने लगी, “प्लीज़ डिलीट कर दो।”
मैंने कहा, “अब इतना कर लिया तो पूरा कर ले।”
वो मान गई।
हम तीनों बेड पर नंगे हो गए। नेहा लेटी, मैं उसके ऊपर चढ़ा। प्रिया ने मेरा लंड पकड़कर नेहा की चुत पर रखा और धकेला। सुपारा अंदर गया तो लगा उसकी चुत पहले भी खूब चुद चुकी है।
मैंने पूछा, “सच बता चुदक्कड़… मुझसे पहले कितनों ने तेरी चुत मारी है?”
नेहा बोली, “कॉलेज में दो बॉयफ्रेंड थे… दोनों ने खूब चोदा था मुझे।”
मुझे मज़ा आ गया। मैंने एक झटके में पूरा लौड़ा पेल दिया और ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा। ठपठप… चपचप… की आवाज़ें गूंज रही थीं। नेहा चिल्लाई, “आह्ह्ह… राहुल… और तेज़… फाड़ दे मेरी चुत… ओह्ह्ह येस!”
तीस मिनट पेलने के बाद मैं उसकी चुत में झड़ गया। लंड निकालकर प्रिया के मुंह में दिया, उसने साफ चाट लिया।
फिर मैंने कहा, “अब तेरी गांड मारूँगा नेहा।” वो मुस्कुराई और घोड़ी बनी।
क्रीम लगाकर मैंने उसकी टाइट गांड में लंड घुसाया। वो चीखी, “आअह्ह्ह… उइइइ… बहुत मोटा है… लेकिन और ज़ोर से चोद… गांड फाड़ दो!”
दस मिनट गांड चोदकर मैं अंदर झड़ गया।
हम तीनों थककर लेटे। प्रिया ने नंगी ही चाय बनाई और पिलाई। फिर शाम तक मैंने दोनों को बारी-बारी और साथ-साथ खूब चोदा। प्रिया की चुत, नेहा की गांड, दोनों के मुंह – सब में लंड घुसाया।
पूरे हफ्ते मम्मी-पापा के बाहर होने का फायदा उठाया। नेहा अब खुद आकर चुदवाती थी। हमारा थ्रीसम चलता रहा, कभी नेहा की चुत में, कभी प्रिया की गांड में, कभी दोनों के मुंह में झड़ता। नेहा पूरी चुदक्कड़ बन गई थी।
यह मेरी असली कहानी है। क्या आपको लगता है मैंने सही किया? कृपया अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। अगर आपकी भी ऐसी कोई अनोखी अनुभव है तो शेयर करें।”
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Aur stories bhi daalo is topic pe please.
Ye story mere dost ne bheji thi, ab main bhi fan ho gaya.
Kya baat hai bhai, itni achi kahani bahut din baad padhi.
Bhot hi sundar likha hai, dil se maza aaya.
Bhai tumhari likhne ki style alag hi level ki hai.
Superb likha hai bhai, agla part kab aayega?
Bhai tumhari likhne ki style alag hi level ki hai.
Ye story mere dost ne bheji thi, ab main bhi fan ho gaya.
Waah kya likhte ho yaar, next part jaldi dalo.
Full paisa vasool story! Keep writing.
Bohot real lagi ye story, dil khush ho gaya.
Aur stories bhi daalo is topic pe please.
Itni lambi kahani bhi bore nahi hui, likhne ka talent hai aapme.
Ye kahani padh kar bahut accha laga, keep it up.
Ye kahani save kar li maine, dobara padhunga.
Ye kahani padh kar bahut accha laga, keep it up.
Full paisa vasool story! Keep writing.
Real experience jaisa laga padh kar.
Kamaal ka likha hai, mann khush ho gaya.